शक्ति और विवेक को जाग्रत करने का यही सरल तरीका है कि आप अपने वर्तमान पलों का इस्तेमाल भरपूर मन से अपनी संपूर्ण बुद्धिमत्ता के साथ करें। इस तरह के भ्रम को न पालें कि आप में शक्ति व विवेक नहीं है। आप पूरे तन-मन से अपना कोई भी काम करके देखिए, आपका हरेक पल फलीभूत होगा। महान और बुद्धिमान व्यक्ति छोटे-छोटे कामों को पूरा महत्व देते हैं। वे किसी काम को तुच्छ नहीं मानते और न ही आज के किसी काम को कल पर टालते हैं। इसके विपरीत हममें से बहुत से लोग अधिक बड़े काम करने की लालसा में छोटे कामों को महत्वहीन मानकर लापरवाही या हल्के तरीके से कर डालते हैं। नतीजतन हम नाकाम हो जाते हैं। एक बात अक्सर देखी जाती है कि जिस व्यक्ति का अपने आप पर नियंत्रण जितना कम होता है, वह उतना ही दूसरों पर शासन करने और बहुत अधिक उत्तरदायित्वों को उठाने के लिए लालायित रहता है। इस तरह वह अपनी हीनभावना पर परदा डालने की कोशिश करता है। धीर-गंभीर एक साथ कई उत्तरदायित्व नहीं लेता और एक काम निपटाने के बाद दूसरे काम में हाथ लगाता है। गैर-जिम्मेदार लोग ही बढ़-चढ़कर बातें करते हुए ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदारियां ओढ़ लेते हैं और इसकी वजह से आखिर में नाकाम हो जाते हैं।
मेरे ब्लाग पर आप सबका हार्दिक स्वागत है, शीघ्र ही नयी पोस्ट प्रस्तुत करुंगा साहित्य और संगीत दोनों ही आत्मा को शुद्ध करते हैं, आपको अनुशासित रखते हैं और आपको भावनात्मक रूप से मजबूती भी प्रदान करते हैं । आइए, ऐसे ही कुछ विचार मेरे साथ बांट कर देखिए, अच्छा लगे तो ठीक, अच्छा न लगे तो आपकी इच्छा ।








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