फेसबुक बनाने वालेँ ने भी कभी नही सोचा होगा कि इस सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए भी कई गलत काम हो सकता है । आंकडो के मुताबित देखेँ तो आज सेक्स रिलेटेड क्राइम मे सोशल नेटर्किंग साइट भी अहम रोल अदा कर रहा है । आज कल फेक अइडेंटिटी के जरिए एक दुसरे के करिब आना और फिर उनकी पर्सनल लाईफ के महत्वपुर्ण पहलुओँ और तस्वीरोँ को फेसबुक पर डाल देना आम बात हो गई है । कुछ मामलोँ मेँ तो साइबर सेल की सक्रियता के कारण तो अपराधी पकड लिए जाते है .लेकीन ज्यादातर मामलोँ मेँ अपराधी पकड से दुर हो जाते है । वही , बदनाम होने के डर से पीडित भी खुद को दुनिया के सामने नही आते ।नतिजा ऐसे अपराधियोँ का हौशला बढता जाता है और फिर नए शिकार की तलाश मे लग जाते है । कहने का मतलब ऐ है की इंटरनेट के इस्तमाल मेँ हमे सर्तक रहने की जरुरत है .सोशल नेटवर्किंग साइट हो या फिर अन्य मीडियम इंटरनेट पर फ्रेँडसिप करने से पहले हमेँ दुसरे व्यक्ति का प्रोफाइल की पूरी जानकारी होनी चाहिए । पर्सनल लाइफ की महत्वपुर्ण चीँजो को खुलासा करने से पहले भी हमेँ सर्तक रहना चाहिए ।इसके बावजुद भी अगर आप साइबर क्राइम के शिकार हो गए हो तो सइबर सेल का मदद लेँ .
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मेरे ब्लाग पर आप सबका हार्दिक स्वागत है, शीघ्र ही नयी पोस्ट प्रस्तुत करुंगा साहित्य और संगीत दोनों ही आत्मा को शुद्ध करते हैं, आपको अनुशासित रखते हैं और आपको भावनात्मक रूप से मजबूती भी प्रदान करते हैं । आइए, ऐसे ही कुछ विचार मेरे साथ बांट कर देखिए, अच्छा लगे तो ठीक, अच्छा न लगे तो आपकी इच्छा ।








0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment